
अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨सिद्धार्थनगर: कागजों पर ‘डिलीवर’ और चूल्हे ‘ठंडे’, गैस एजेंसियों का नया ‘डिजिटल स्कैम’🚨
⭐”गैस एजेंसी की ‘जादुई’ सर्विस: सिलेंडर एजेंसी पर ही रहा, पर मोबाइल पर आ गया ‘सक्सेसफुल डिलीवरी’ का संदेश”
⭐”सिद्धार्थनगर में LPG की ब्लैक-मार्केटिंग का नया फॉर्मूला: ग्राहकों के हक पर डाका, रिकॉर्ड में सब चकाचक!”
⭐”गैस एजेंसियों की मनमानी: सब्सिडी खाते में, पर सिलेंडर गायब!”
बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश।
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर): जनपद में गैस एजेंसियों ने कालाबाजारी और भ्रष्टाचार का एक ऐसा डिजिटल तरीका खोज निकाला है, जिससे आम जनता त्रस्त है और सिस्टम पस्त। उपभोक्ता गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में एजेंसियां शत-प्रतिशत सप्लाई दिखा रही हैं।
💫खेल समझिए: बिना सिलेंडर मिले ही आ रही ‘डिलीवरी’ की रिपोर्ट
डुमरियागंज स्थित जायसवाल HP गैस सर्विस पर कालाबाजारी का गंभीर आरोप लगा है। उपभोक्ता हैरान हैं कि उनके बिना बुकिंग किए ही गैस सिलेंडर बुक हो रहे हैं और उनके मोबाइल पर ‘सक्सेसफुल डिलीवरी’ का मैसेज भी आ जा रहा है। हद तो तब हो गई जब उपभोक्ताओं के खातों में 62.38 रुपये की सब्सिडी भी पहुंच रही है, लेकिन हकीकत में उन्हें खाली सिलेंडर तक नसीब नहीं हो रहा।
💫केस स्टडी: जो बयां करती हैं हकीकत
👉कन्जयूमर नं0 621284: बुकिंग 14 मार्च को हुई। 17 मार्च को रिकॉर्ड में डिलीवरी दिखा दी गई। उपभोक्ता तीन दिन से एजेंसी के चक्कर काट रहा है, लेकिन गैस नहीं मिली।
👉कन्जयूमर नं0 612244: इनकी भी कहानी वही है। 14 मार्च को बुकिंग और 17 मार्च को डिलीवरी। कागजों पर सिलेंडर घर पहुंच गया, पर चूल्हा आज भी खाली है।
💫कालाबाजारी का ‘ब्लैक होल’
जब गैस की कोई कमी नहीं है और भारी संख्या में सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है, तो फिर एजेंसी पर लंबी कतारें क्यों हैं? सूत्र बताते हैं कि एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं के नाम पर खुद ही सिलेंडर बुक कर, उन्हें ऊंचे दामों पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों या होटलों में ‘ब्लैक’ कर रहे हैं। रिकॉर्ड अपडेट रखने के लिए कागजों पर डिलीवरी दिखाई जा रही है ताकि विभाग की नजरों में सप्लाई चेन दुरुस्त दिखे।
“अरे! ऐसा कैसे हो सकता है? यह तो बहुत बड़ा फाल्ट है। अगर डिलीवरी मैसेज जा रहे हैं और उपभोक्ता को गैस नहीं मिली, तो यह गंभीर मामला है। मैं इसकी तुरंत जांच कराता हूं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”— देवेंद्र सिंह, DSO (सिद्धार्थनगर)
💫जनता के सवाल, प्रशासन की चुप्पी?
👉अगर सिलेंडर नहीं मिला, तो डिलीवरी का मैसेज कैसे आया?
👉किसकी मिलीभगत से उपभोक्ताओं के नाम का गैस सिलेंडर बाजार में बेचा जा रहा है?
👉क्या सब्सिडी का लालच देकर गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है?
डुमरियागंज की जनता अब आर-पार के मूड में है। यदि जल्द ही इस ‘डिजिटल लूट’ पर लगाम नहीं कसी गई, तो बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।



















